पुरुलिया : पुरुलिया-1 प्रखंड की सोनाइजुड़ी ग्राम पंचायत में शुक्रवार को राजनीतिक घटनाक्रम ने अचानक करवट ले ली। अनास्था प्रस्ताव पर हुए मतदान में तृणमूल कांग्रेस की प्रधान चंदना महतो को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। उनके खिलाफ 19-0 से मतदान होने के बाद उन्हें प्रधान पद से हटना पड़ा। मतदान के दौरान तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा अंतर्कलह खुलकर सामने आ गया।
22 सदस्यीय पंचायत में तृणमूल के 13, भाजपा के पांच, निर्दलीय तीन और माकपा का एक सदस्य है। शुक्रवार को हुए मतदान में प्रधान के खिलाफ तृणमूल के ही 10 असंतुष्ट सदस्यों के साथ भाजपा, माकपा और निर्दलीय सदस्यों ने एकजुट होकर वोट किया। इससे प्रधान के पक्ष में एक भी मत नहीं पड़ा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चंदना महतो के खिलाफ लंबे समय से पंचायत में अनियमितता, मनमाने ढंग से कामकाज चलाने और सदस्यों की अनदेखी करने के आरोप लग रहे थे। पंचायत सदस्यों के बीच भी उनके प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा था। कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई और पंचायत के कामकाज में उनकी राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
अनास्था प्रस्ताव के समर्थन में खड़े सदस्य रामपद महतो ने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास और पंचायत के बेहतर संचालन के लिए सभी सदस्य एकजुट हुए हैं। हालांकि, आरोपों को लेकर प्रधान पक्ष की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
इधर, अनास्था मतदान को देखते हुए टामना थाना पुलिस ने पंचायत परिसर और आसपास के इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रधान के हटने के बाद अब सोनाइजुड़ी पंचायत में नए बोर्ड के गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

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