
शेफाली महतो, पुरुलिया : पुरुलिया जिले के आड़शा थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ से सटे गांवों में जंगली हाथियों, सूअरों और अन्य वन्यजीवों से फसल बचाने के लिए कुछ किसान खेतों के चारों ओर बिजली के तार लगाने लगे हैं। फसल बचाने का यह तरीका अब किसानों के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। बिजली प्रवाहित तार के संपर्क में आने से कभी भी इंसान या वन्यजीव की जान जा सकती है।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आड़शा वन विभाग ने ऐसे मामलों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। आड़शा प्रखंड के रामुडी, बनडी समेत जंगल से सटे गांवों में वाहन के जरिए माइकिंग कर ग्रामीणों को लगातार चेतावनी दी जा रही है। वन विभाग ने खेतों के आसपास या जंगल से सटे क्षेत्रों में लगाए गए अवैध बिजली के तार और तार की बाड़ को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है।
फसल बचाने के नाम पर जान से खिलवाड़ नहीं
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देश के बावजूद खेतों में अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित करने वाले तार लगाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और विद्युत अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि जंगली जानवरों से फसल को होने वाले नुकसान को गंभीरता से लिया जा रहा है। किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी है। लेकिन फसल बचाने के नाम पर करंट प्रवाहित कर वन्यजीवों की जान खतरे में डालना पूरी तरह गैरकानूनी है। इससे वन्यजीवों के साथ असावधानीवश ग्रामीणों की भी जान जा सकती है।
विभाग ने ग्रामीणों से तत्काल बिजली के तार हटाने और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही चेताया है कि आदेश की अनदेखी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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