52 साल के पिता ने बेटे के साथ संभाला बल्ला, पुरुलिया में पहली बार क्रिकेट प्रीमियर लीग का आगाज

Shruti Mobile Premier League SMPL 2026 – उम्र महज एक आंकड़ा है, यदि जुनून क्रिकेट का हो। इसकी मिसाल पुरुलिया के शिमुलिया बैटरी ग्राउंड में देखने को मिल रही है, जहां 52 वर्षीय पिता अपने बेटे के साथ एक ही टीम में खेल रहे हैं। शनिवार को पहली बार पुरुलिया में ‘श्रुति मोबाइल प्रीमियर लीग’ का शुभारंभ हुआ, जिसमें मारवाड़ी समुदाय के प्रयास से 6 टीमों ने हिस्सा लिया है। इस लीग की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें उम्र की कोई सीमा नहीं है।
शनिवार को पहली बार पुरुलिया में ‘श्रुति मोबाइल प्रीमियर लीग ( Shruti Mobile Premier League
SMPL 2026)’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मारवाड़ी समुदाय के सामूहिक प्रयास और युवाओं के जोश से आयोजित इस दो दिवसीय प्रतियोगिता ने पहले ही दिन क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया।
छह टीमें, कोई उम्र सीमा नहीं – क्रिकेट का असली जश्न
इस टूर्नामेंट की सबसे खास बात यह है कि इसमें उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। आयोजकों ने साफ कहा है कि क्रिकेट सिर्फ युवाओं का नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों का खेल है। इसी का नतीजा है कि 18 साल के युवा से लेकर 52 साल के बुजुर्ग तक एक ही ड्रेसिंग रूम शेयर कर रहे हैं और एक साथ मैदान में पसीना बहा रहे हैं।
इस लीग में कुल 6 टीमों ने हिस्सा लिया है। सभी टीमों की जर्सी पर SUPERPLY का लोगो लगा है, और खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शनिवार सुबह राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिता की शुरुआत हुई, जिसके बाद एक के बाद एक रोमांचक मुकाबले खेले गए।
8-8 ओवर का फटाफट अंदाज
आयोजकों ने टूर्नामेंट को फास्ट और रोमांचक बनाने के लिए सभी मुकाबले 8-8 ओवर के रखे हैं। यानी हर गेंद पर चौका-छक्का और हर ओवर में रोमांच। शनिवार को लीग स्टेज के मुकाबले खेले गए, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले रविवार को खेले जाएंगे।
रविवार को होने वाले फाइनल के लिए विजेता टीम के लिए नकद पुरस्कार समेत कई आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं। खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को भी पुरस्कृत किया जाएगा, ताकि सभी का हौसला बढ़े।
पिता-पुत्र की जोड़ी बनी हीरो
मैदान पर सबसे ज्यादा तालियां उस वक्त बजीं, जब 52 वर्षीय पिता ने अपने बेटे के साथ ओपनिंग की। बेटा जहां आक्रामक शॉट खेल रहा था, वहीं पिता ने अनुभवी अंदाज में पारी को संभाले रखा। दोनों ने मिलकर टीम को जीत भी दिलाई। दर्शकों ने कहा कि यह दृश्य IPL में भी देखने को नहीं मिलता, जब एक ही परिवार की दो पीढ़ियां एक साथ मैदान में हों।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरुलिया में इस तरह का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ था। आमतौर पर क्रिकेट टूर्नामेंट सिर्फ युवाओं तक सीमित रहते हैं, लेकिन इस बार बुजुर्गों को भी मौका देकर आयोजकों ने एक मिसाल पेश की है।
खेल से जुड़ेगा समुदाय
आयोजकों ने बताया कि इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य खेल के माध्यम से समुदाय के लोगों को जोड़ना और नई पीढ़ी में खेल भावना, टीम वर्क और अनुशासन को बढ़ावा देना है। मारवाड़ी समाज के लोगों ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए बढ़-चढ़कर सहयोग दिया है। पहले ही आयोजन में प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और उम्मीद है कि अगले साल इसे और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
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