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BREAKINGHarelal Mahato Deep Vitaran Khunti - खूंटी गांव में दीपों का वितरण | Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir - 500 साल से एक ही मंदिर में मां भद्रकाली और सत्य पीर बाबा की पूजा | दीपावली पर ध्वनि प्रदूषण रोकने को सक्रिय हुई पुलिस, अस्पतालों के पास पटाखे नहीं फोड़ने की अपील | बांदना पर्व की आहट से गुलजार हुआ रघुनाथपुर हाट, खरीदारी को उमड़ी भीड़ | आदिवासी नेत्री निशा भगत का निधन, फेसबुक लाइव वीडियो वायरल - जमीन माफिया पर लगाए आरोप | महंगाई पर भारी पड़ा धनतेरस का उत्साह, चांडिल बाजार में जमकर हुई खरीदारी; पप्पू वर्मा ने दी दीपावली की शुभकामनाएं | दलमा इको-सेंसिटिव जोन के तराई में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, तुलिन ग्रामसभा ने जताई नाराजगी; पूजा स्थल स्थानांतरित करने का हुआ फैसला | पुरुलिया में BJMTUC की नई जिला कमेटी घोषित, विश्वजीत दे बने अध्यक्ष, 40 पदाधिकारियों के नामों का ऐलान |

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir – 500 साल से एक ही मंदिर में मां भद्रकाली और सत्य पीर बाबा की पूजा

✨ सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल ✨

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir – हिंदू-मुस्लिम एकता की 500 साल पुरानी मिसाल

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir देश में सांप्रदायिक सौहार्द की सबसे अनूठी मिसाल है। पुरुलिया जिले के हिड़बहाल गांव में स्थित Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में एक ही मंदिर में मां भद्रकाली और सत्य पीर बाबा की आराधना होती है। करीब पांच सौ वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दे रही है।

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir - Hidbahal me Maa Bhadrakali aur Satya Peer Baba Mandir ka mukhya dwar Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir me puja karte shraddhalu

▫️ पुरुलिया के हिड़बहाल में हिंदू-मुस्लिम एक साथ करते हैं पूजा-अर्चना, बाउरी समुदाय की नौवीं पीढ़ी संभाल रही है पूजा की जिम्मेदारी

खास बात यह है कि इस Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में न तो कोई पारंपरिक मूर्ति है और न ही ब्राह्मण पुरोहित पूजा कराते हैं। पीढ़ियों से बाउरी समुदाय के लोग ही पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी निभाते आ रहे हैं।

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir – नौवीं पीढ़ी संभाल रही है पूजा की परंपरा

मंदिर के वर्तमान पुजारी तपन बाउरी बताते हैं कि वह पूजा करने वाली वंश परंपरा की नौवीं पीढ़ी से हैं। उनके पिता भी लंबे समय तक पूजा करते रहे हैं। अब वह स्वयं इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। यही वजह है कि Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir आज एकता का प्रतीक है।

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में साधक को दर्शन देकर मां ने दिया था निर्देश

स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, कभी हिड़बहाल का पूरा इलाका घने जंगलों से घिरा था। इसी जंगल में एक साधक मां काली की साधना में लीन रहते थे। मान्यता है कि साधना से प्रसन्न होकर मां भद्रकाली ने उन्हें दर्शन दिया और पूजा करने का निर्देश दिया। कहा जाता है कि एक सुरंग के रास्ते देवी प्रकट हुई थीं। तभी से यहां Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में मां भद्रकाली की आराधना शुरू हुई।

साधक के सात दिनों तक जल में रहने की मान्यता

मंदिर से जुड़ी एक अन्य लोककथा के अनुसार, देवी ने साधक को अखान यात्रा से सात दिन पहले पास के एक तालाब से अपना पवित्र जल लाने का निर्देश दिया था। मान्यता है कि साधक तालाब में उतरे और लगातार सात दिनों तक पानी के भीतर रहे।

घोड़े पर सवार होकर आए थे सत्य पीर बाबा – Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir की पहचान

इस मंदिर की सबसे खास पहचान मां भद्रकाली के साथ सत्य पीर बाबा की आराधना है। लोककथा के अनुसार, एक दिन साधना के दौरान साधक को नूपुरों की आवाज सुनाई दी। सफेद राजसी वस्त्रों में घोड़े पर सवार एक व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने स्वयं को पीर बाबा बताया।

मान्यता: हिंदू समुदाय के लोग उन्हें सत्यनारायण के स्वरूप में श्रद्धा अर्पित करते हैं, वहीं मुस्लिम समुदाय उन्हें सत्य पीर बाबा के रूप में पूजता है। इसके बाद से ही Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में दोनों की पूजा की परंपरा शुरू हुई।

इस जिले के बारे में और जानकारी के लिए Purulia District Wikipedia पर पढ़ें।

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु

इस प्राचीन Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir की ख्याति अब पुरुलिया तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड, बिहार और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। कार्तिक अमावस्या को कालीपूजा के अवसर पर यहां दिन में ही पूजा-अर्चना होती है।

Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir की सबसे बड़ी अखान यात्रा

वर्ष का सबसे बड़ा आयोजन पौष पर्व के बाद होने वाली अखान यात्रा है। इस अवसर पर गांव में विशाल मेले का आयोजन होता है। हमारे अन्य लेख भी पढ़ें: Purulia Ke Prasiddh Mandir

“यहां दूर-दूर से लोग मन्नत मांगने और पूजा करने आते हैं।” – ग्रामीण दीनबंधु बाउरी

करीब पांच शताब्दियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी सामाजिक एकता की मिसाल बनी हुई है। Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir यह संदेश देता है कि धर्म से ऊपर उठकर आस्था और भाईचारे से समाज को एकजुट रखा जा सकता है।

© Janta Ki Awaaz Live | रिपोर्ट – पुरुलिया | www.jantakiawaazlive.com

 

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