
अभिजीत गोराई, पुरुलिया : कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पुरुलिया के बलरामपुर कृषि फार्म में किसानों को खेती का आधुनिक तरीका देखने और समझने का अवसर मिला। पुरुलिया सदर महकमा एवं ब्लॉक कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में धान की फसल पर ड्रोन तकनीक के माध्यम से सूक्ष्म पोषक तत्वों के छिड़काव का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को ड्रोन से छिड़काव की प्रक्रिया, इसके उपयोग और संभावित लाभों की जानकारी दी।कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि यंत्रीकरण से जोड़ना और तकनीक के माध्यम से खेती को अधिक सुविधाजनक बनाना था। अधिकारियों ने बताया कि खेतों में पारंपरिक तरीके से स्प्रे करने में अधिक समय और श्रम लगता है। वहीं, ड्रोन के माध्यम से कम समय में अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्र में निर्धारित मात्रा में सूक्ष्म पोषक तत्वों और आवश्यक कृषि रसायनों का छिड़काव किया जा सकता है।ड्रोन की खासियत यह है कि इससे खेत के विभिन्न हिस्सों में एक समान मात्रा में स्प्रे पहुंचाने में मदद मिलती है। इससे पोषक तत्वों और रसायनों की अनावश्यक बर्बादी कम करने में सहायता मिल सकती है। साथ ही, श्रम और समय की बचत होने से किसानों की खेती की लागत घटने की संभावना भी जताई गई।अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के जरिए दूर से नियंत्रित और संपर्क रहित तरीके से छिड़काव किया जाता है। इससे किसानों का जहरीले कीटनाशकों के सीधे संपर्क में आने का जोखिम भी कम हो सकता है। सूक्ष्म स्प्रे के कारण फसल की पत्तियों तक पोषक तत्व समान रूप से पहुंचाने में मदद मिलती है, जिससे पौधों की वृद्धि और फसल उत्पादन में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है।इस अवसर पर एडीए (एडमिन) सुब्रत कर्मकार, एडीए (प्लांट प्रोटेक्शन) डॉ. मानव बनर्जी, जिला प्रबंधक परिमल बर्मन, बलरामपुर ब्लॉक कृषि अधिकारी सागुन मुर्मू सहित कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।कृषि विभाग का कहना है कि किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कृषि कार्य को अधिक दक्ष और वैज्ञानिक बनाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

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