nimdih overload hyva –
नीमडीह (सरायकेला-खरसावां) में खनिज पदार्थों के ओवरलोड परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। सड़कों की बदहाली…
नीमडीह (सरायकेला-खरसावां) : जिले में खनिज पदार्थों के अवैध और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है। ग्रामीण सड़कों की बदहाली, तेज रफ्तार भारी वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान से परेशान ग्रामीणों ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। ताजा मामला नीमडीह प्रखंड के आदरडीह गांव का है, जहां रविवार की शाम ग्रामीणों ने 600+ CFT गिट्टी लदे एक ओवरलोड हाईवा को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह ही नीमडीह के अंचल अधिकारी (CO) ने अवैध रूप से बालू लदे 6 हाईवा को जब्त किया था। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों का मनोबल बढ़ा और वे खुद सड़कों पर खनिज वाहनों की निगरानी करने लगे।
450 CFT का चालान, 600+ CFT लदा था माल
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के अनुसार, शाम करीब 5 बजे आदरडीह के पास से एक हाईवा तेज रफ्तार में गुजर रहा था, जिस पर अत्यधिक मात्रा में गिट्टी लदी हुई थी। ग्रामीणों ने शक के आधार पर वाहन को रोका और चालक से कागजात मांगे।
चालक ने जो चालान दिखाया उसमें 450 सीएफटी गिट्टी परिवहन की अनुमति का उल्लेख था। लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों का दावा है कि हाईवा पर 600 सीएफटी से भी अधिक गिट्टी लदी हुई थी। हाईवा की बॉडी से बाहर तक गिट्टी निकली हुई थी, जिससे ओवरलोड होना साफ दिख रहा था।

चालान और वास्तविक लोड में भारी अंतर देखकर ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना नीमडीह अंचल अधिकारी और नीमडीह थाना प्रभारी को दी।
पुलिस मौके पर पहुंची, हाईवा थाने ले गई
सूचना मिलते ही नीमडीह थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हाईवा को कब्जे में लेकर जांच के लिए थाने ले गई। थाने में अंचल अधिकारी की मौजूदगी में गिट्टी की वास्तविक मात्रा की पैमाइश की जाएगी।
ग्रामीण सड़कों पर क्यों है भारी वाहनों से खतरा?
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल में नीमडीह-आदरडीह मुख्य सड़क पर भारी वाहनों के कारण 5 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें दो लोगों की मौत भी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार:
1. ग्रामीण सड़कें 10 टन क्षमता की हैं, जबकि हाईवा 40-50 टन लेकर गुजरते हैं।
2. ओवरलोड के कारण सड़कें टूट रही हैं और गड्ढे बन रहे हैं।
3. तेज रफ्तार के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को खतरा बना रहता है।
4. रात के समय बिना नंबर प्लेट के भी कई हाईवा चलते हैं।
ग्रामीणों की 3 बड़ी मांगें
1. सभी खनिज वाहनों की जांच वैध ई-चालान और धर्मकांटा पर्ची के आधार पर हो।
2. ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की स्पीड लिमिट 20 KM/H तय की जाए और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
3. ओवरलोड पाए जाने पर वाहन मालिक और खदान संचालक दोनों पर FIR दर्ज हो।
फिलहाल नीमडीह पुलिस ने वाहन को जब्त कर खनन विभाग को सूचना दे दी है। खनन विभाग की टीम के आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परिवहन वैध था या अवैध, और ओवरलोड की वास्तविक मात्रा कितनी है।
ग्रामीणों की इस पहल के बाद पूरे नीमडीह क्षेत्र में चर्चा है कि अब प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीण भी खनिज लूट के खिलाफ जागरूक हो गए हैं।
नीमडीह क्षेत्र में लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लगी तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है। फिलहाल पकड़े गए वाहन के दस्तावेजों की जांच खनन विभाग द्वारा की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

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