लुपुंगडीह ग्रामसभा में आठ स्थायी समितियों का गठन, वन अधिकार कानून के तहत बनीं तीन समितियां
Lupungdih Gramsabha Samiti Gathan: चांडिल / नीमडीह (Janta Ki Awaaz Live) – नीमडीह प्रखंड के लुपुंगडीह गांव में ग्रामसभा की महत्वपूर्ण बैठक पारंपरिक ग्राम प्रधान सरदार गंगाधर भूमिज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में वन अधिकार कानून 2006 के तहत ग्रामसभा की आठ स्थायी समितियों के गठन के साथ-साथ कोर कमेटी और वन अधिकार से जुड़ी तीन विशेष समितियों के गठन पर विस्तृत चर्चा की गई।

लुपुंगडीह ग्रामसभा की बैठक में मौजूद महिला और पुरुष ग्रामीण सदस्य।
आठ स्थायी समितियों के गठन का लिया गया निर्णय
ग्रामसभा की बैठक में गांव के सर्वांगीण विकास के लिए आठ स्थायी समितियों के गठन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इनमें कृषि समिति, स्वास्थ्य समिति, शिक्षा एवं न्याय समिति, सार्वजनिक संपदा समिति, आधारभूत संरचना समिति, निगरानी समिति, ग्राम विकास समिति और ग्राम प्रबंधन समिति शामिल हैं।
इन सभी समितियों के माध्यम से अब गांव के हर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलेगी। कृषि से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक हर मुद्दे पर अब अलग-अलग समिति काम करेगी, जिससे ग्रामसभा और मजबूत होगी।
वन अधिकार कानून 2006 के तहत बनीं तीन विशेष समितियां
इस बैठक का मुख्य आकर्षण वन अधिकार कानून 2006 के तहत तीन विशेष समितियों का गठन रहा।
1. सामुदायिक वन अधिकार समिति: इस समिति में 12 सदस्यों को समर्थन दिया गया। यह समिति गांव के सामुदायिक वन अधिकारों की रक्षा करेगी।
2. वनाश्रित महिला सहकारिता समिति: इस समिति में 10 सदस्य शामिल किए गए, जिसमें दुर्गा सिंह को अध्यक्ष, भवानी लोहार को सचिव और सरला टुडू को कोषाध्यक्ष बनाया गया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह बड़ा कदम है।
3. सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति: इसमें श्रीकांत भूमिज को अध्यक्ष, सुफल सिंह भूमिज को सचिव और रीता रूहिदास को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इस समिति में भी 10 सदस्य शामिल किए गए। यह समिति जंगल और वन संसाधनों के प्रबंधन का काम देखेगी।
विशेषज्ञों ने दी ग्रामसभा के अधिकारों की जानकारी
बैठक में गांव गणराज्य लोक समिति, कोल्हान संगठन के संयोजक बृहस्पति सिंह सरदार ने ग्रामसभा के अधिकारों और समितियों के गठन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेसा कानून और वन अधिकार कानून के तहत ग्रामसभा को कितने अधिकार मिले हैं और उनका उपयोग कैसे करना है।
वहीं, चांडिल प्रखंड के माकुलाकोचा ग्रामसभा के अध्यक्ष ने अपने गांव में तैयार किए गए दस्तावेजों और ग्रामसभा की प्रक्रिया के बारे में अनुभव साझा किया तथा लुपुंगडीह ग्रामसभा के सदस्यों को भी आवश्यक दस्तावेज तैयार करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दस्तावेजीकरण से ग्रामसभा की ताकत बढ़ती है।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामसभा सचिव मदन महतो, कोषाध्यक्ष शिवचरण सिंह, पंचायत समिति प्रतिनिधि, मनपीटा ग्रामसभा के प्रभाकर हांसदा, कृष्णा मार्डी सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में महिला और पुरुष सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर ग्रामसभा को मजबूत बनाने तथा वन अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया।
ग्राम प्रधान सरदार गंगाधर भूमिज ने कहा कि इन समितियों के गठन से अब गांव का विकास तेजी से होगा और वन अधिकारों को लेकर जो भी समस्याएं हैं, उनका समाधान ग्रामसभा स्तर पर ही हो सकेगा।
लुपुंगडीह ग्रामसभा समिति गठन (Lupungdih Gramsabha Samiti Gathan) से गांव में नए विकास की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने कहा कि समितियों के गठन से अब उनके जल, जंगल, जमीन के अधिकारों की रक्षा होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंचेगा। जनता की आवाज लाइव से बात करते हुए प्रधान ने बताया कि अगले हफ्ते सभी समितियों की पहली बैठक होगी।
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