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ईचागढ़ में अवैध बालू कारोबार को लेकर सियासी हलचल, सांसद प्रतिनिधि ने प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

 

Ichagarh avaidh balu karobar को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। ईचागढ़ और तिरुलडीह थाना क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन को लेकर सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार महतो ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

700 सीएफटी बालू का परिवहन, लेकिन चालान केवल 300 सीएफटी का! राजस्व नुकसान का आरोप

चांडिल/सरायकेला-खरसावां। ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। खासकर ईचागढ़ और तिरुलडीह थाना क्षेत्र में बालू के अवैध कारोबार को लेकर सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार महतो ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने 27 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बालू के अवैध परिवहन, भंडारण और खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को लेकर जिला प्रशासन एवं खनन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बीते रविवार, 25 अक्टूबर की सुबह नीमडीह के अंचल अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए बालू लदे छह हाइवा जब्त किए थे। क्षेत्र में समय-समय पर जिला प्रशासन एवं स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा बालू और अन्य खनिज पदार्थों के अवैध परिवहन तथा अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद बालू के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कार्रवाई के बावजूद क्यों नहीं रुक रहा अवैध कारोबार?

सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार महतो ने आरोप लगाया कि अवैध बालू कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई प्रभावी साबित नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि कई बार नदियों से खनन कर बालू का परिवहन करने वाले वाहनों को पकड़ा गया है और अवैध भंडारण पर भी कार्रवाई हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह कारोबार जारी रहने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने खनन विभाग के नियमों और उनके क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों की कथित ढिलाई तथा जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में कमी के कारण अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा मिल रहा है।

700 सीएफटी बालू का परिवहन, चालान 300 सीएफटी का?

प्रेस विज्ञप्ति में बालू परिवहन से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को उठाया गया है। मनोज कुमार महतो के अनुसार, कुछ मामलों में हाइवा पर लगभग 700 सीएफटी बालू का परिवहन किए जाने के बावजूद चालान केवल 300 सीएफटी का काटे जाने की शिकायत सामने आई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि निर्धारित मात्रा से अधिक बालू का परिवहन किया जा रहा है, तो संबंधित विभाग और प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं करते? उनका कहना है कि यदि इस तरह की गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

खनन विभाग और प्रशासन से जवाबदेही की मांग

मनोज कुमार महतो ने अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल वाहनों को जब्त कर कार्रवाई दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि बालू लदे वाहनों की वास्तविक मात्रा, चालान में दर्ज मात्रा और राजस्व से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

ईचागढ़ क्षेत्र के स्थानीय लोगों का कहना है कि नदियों से लगातार बालू का अवैध खनन होने से पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही यदि चालान में कम मात्रा दिखाकर अधिक बालू का परिवहन हो रहा है तो इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और सच्चाई सामने लाई जाए।

नियम क्या कहते हैं?

खनन विभाग के नियमानुसार, बालू का परिवहन केवल वैध चालान और निर्धारित मात्रा में ही किया जा सकता है। निर्धारित मात्रा से अधिक बालू का परिवहन अवैध माना जाता है और इस पर जुर्माना तथा वाहन जब्त करने का प्रावधान है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या परिवहन के दौरान नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

Disclaimer: यह खबर सांसद प्रतिनिधि द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर है। इसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि https://jantakiawaazlive.com नहीं करता। संबंधित विभागों का पक्ष आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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