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इचागढ़ में आदिम कुम्हार महासंघ का विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन 25 अक्टूबर को, समाज की 10 प्रमुख मांगों पर बनेगी रणनीति

  • Adim Kumhar Mahasangh Ichagarh Sammelan

 

ईचागढ़/नीमडीह: आदिम कुम्हार महासंघ, झारखंड के तत्वावधान में विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन 25 अक्टूबर 2026, रविवार को किया जाएगा। यह सम्मेलन ईचागढ़ प्रखंड के पहाड़मुड़ी, नदीसाय में सुबह 10.30 बजे से आयोजित होगा।

 

महासंघ ने समाज के सभी सम्मानित सदस्यों, माताओं-बहनों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सादर आमंत्रण भेजा है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कुम्हार समाज में एकता, सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, आर्थिक उन्नति और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना है।

 

नशामुक्त और शिक्षित समाज का संकल्प

 

आयोजकों ने बताया कि आज समय की मांग है कि कुम्हार समाज संगठित होकर अपने अधिकारों, सम्मान, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी के लिए आगे आए। सम्मेलन में समाज को नशामुक्त और दहेजमुक्त बनाने, प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने, पारंपरिक माटी कला व्यवसाय को संरक्षण देने जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।

 

महासंघ का संकल्प है – शिक्षित समाज, नशामुक्त समाज, दहेजमुक्त समाज और आत्मनिर्भर कुम्हार समाज। इसी नारे के साथ कार्यकर्ता गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान भी चलाएंगे।

 

सम्मेलन के 6 प्रमुख उद्देश्य

 

1. नशामुक्त एवं दहेजमुक्त समाज का निर्माण करना।

2. समाज के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता बढ़ाना।

3. कुम्हार समाज में सामाजिक एकता, आपसी सहयोग एवं संगठन को मजबूत करना।

4. युवाओं को राजनीति एवं जनप्रतिनिधित्व में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना।

5. पारंपरिक माटी कला एवं कुम्हार व्यवसाय का संरक्षण, संवर्धन और आधुनिकीकरण करना।

6. समाज की समस्याओं एवं अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर आवाज बुलंद करना।

 

सरकार के समक्ष रखी जाएंगी 10 सूत्रीय मांगें

 

इस सम्मेलन में समाज की जायज मांगों को एकजुट होकर सरकार और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाने की रणनीति बनाई जाएगी। महासंघ ने अपनी 10 प्रमुख मांगें स्पष्ट की हैं:

 

1. माटी कला बोर्ड का गठन: झारखंड में माटी कला बोर्ड के गठन अथवा पुनर्गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्यों के चयन में आदिम कुम्हार महासंघ के योग्य एवं अनुभवी प्रतिनिधियों को उचित स्थान दिया जाए।

 

2. मिट्टी की सुलभ उपलब्धता: पारंपरिक माटी कला से जुड़े परिवारों को मिट्टी प्राप्त करने के लिए सरल, पारदर्शी एवं किफायती व्यवस्था बनाई जाए। संबंधित विभागों के समन्वय से अनुमति और उपयुक्त मिट्टी स्रोतों तक पहुंच सुनिश्चित हो।

 

3. उचित बाजार एवं विपणन: कुम्हारों द्वारा निर्मित दीये, घड़े, सुराही, कुल्हड़, मूर्तियां एवं अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए स्थानीय बाजार, सरकारी मेलों, प्रदर्शनियों तथा ऑनलाइन विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

 

4. आर्थिक सहायता एवं स्वरोजगार: माटी कला से जुड़े परिवारों को कम ब्याज पर ऋण, अनुदान, आधुनिक उपकरण, विद्युत चाक, प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिया जाए।

 

5. सामाजिक सुरक्षा: जरूरतमंद एवं पात्र कारीगरों के लिए सम्मानजनक पेंशन, दुर्घटना बीमा तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

 

6. बच्चों के लिए शिक्षा एवं छात्रवृत्ति: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, छात्रावास तथा उच्च शिक्षा के लिए विशेष सहायता दी जाए।

 

7. ST सूची में शामिल करने की मांग: कुम्हार समाज की सामाजिक, ऐतिहासिक एवं संवैधानिक स्थिति का अध्ययन कराकर, संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल किए जाने की मांग पर उचित कार्रवाई की जाए।

 

8. राजनीतिक भागीदारी: समाज की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति को देखते हुए राजनीतिक दलों, स्थानीय निकायों एवं जनप्रतिनिधि संस्थाओं में भागीदारी बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास हों।

 

9. सरकारी योजनाओं से जोड़ना: पात्र कुम्हार परिवारों को कौशल विकास, बैंक ऋण, आवास, खाद्य सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं।

 

10. माटी कला के संरक्षण के लिए विशेष योजना: पारंपरिक कला को नई तकनीक से जोड़ने और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर कार्ययोजना बनाई जाए।

 

अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील

 

महासंघ ने क्षेत्र के सभी कुम्हार समाज के नागरिकों से अपील की है कि वे जातिगत भेदभाव, नशाखोरी, दहेज प्रथा एवं अशिक्षा जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प लें।

 

आयोजकों ने कहा, “आपकी उपस्थिति ही समाज की एकता और शक्ति का प्रतीक होगी। आइए अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, समाज के सम्मान और अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए एकजुट हों।”

 

कार्यक्रम विवरण: कार्यक्रम – विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन, आयोजक – आदिम कुम्हार महासंघ झारखंड, स्थान – पहाड़मुड़ी, नदीसाय, ईचागढ़, दिनांक – 25 अक्टूबर 2026 (रविवार), समय – सुबह 10.30 बजे।

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