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दो साल आठ माह के अर्पण की असाधारण प्रतिभा, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम


Arpan Mahato India Book of Records में अपना नाम दर्ज कराकर इतिहास रच दिया है। उम्र महज दो साल आठ महीने, लेकिन प्रतिभा और याददाश्त ऐसी कि हर कोई हैरान रह जाए। अपनी असाधारण स्मरण शक्ति के दम पर पुरुलिया जिले के मानवबाजार-2 प्रखंड अंतर्गत बड़ा कदम गांव के नन्हे अर्पण महतो ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

अर्पण महतो इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स अचीवर
2 साल 8 महीने के अर्पण महतो ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 में अपना नाम दर्ज कराकर पुरुलिया का मान बढ़ाया।

पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) : कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इस कहावत को सच कर दिखाया है पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के एक नन्हे बच्चे ने। महज दो साल आठ महीने की उम्र में अपनी अद्भुत याददाश्त और असाधारण प्रतिभा के दम पर बड़ा कदम गांव, मानवबाजार-2 प्रखंड के रहने वाले अर्पण महतो ने वह कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े लोग भी नहीं कर पाते। नन्हे अर्पण का नाम प्रतिष्ठित इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (India Book of Records 2026) में IBR Achiever के तौर पर दर्ज किया गया है।

अर्पण की इस उपलब्धि के बाद न सिर्फ उसके परिवार में, बल्कि पूरे पुरुलिया जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। गांव के लोग उसे देखने और आशीर्वाद देने के लिए उसके घर पहुंच रहे हैं।

कौन है नन्हा अर्पण महतो?

जानकारी के अनुसार, अर्पण महतो का जन्म 28 जनवरी 2024 को हुआ था। उसके पिता का नाम सतीश चंद्र महतो है, जो एक साधारण परिवार से आते हैं। पिता सतीश चंद्र महतो ने बताया कि अर्पण बचपन से ही अन्य बच्चों से अलग था। उसे खेल-खेल में नई चीजें सीखना बहुत पसंद है। वह एक बार जो चीज देख या सुन लेता है, उसे तुरंत याद कर लेता है। उसकी इस खासियत को देखकर परिवार ने उसकी प्रतिभा को निखारने का फैसला किया।

क्या-क्या याद है अर्पण को? सुनकर हो जाएंगे हैरान

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा जारी प्रमाणपत्र के अनुसार, अर्पण महतो की याददाश्त वाकई में हैरान करने वाली है। इतनी कम उम्र में उसे इतना कुछ याद है कि सुनने वाले दांतों तले उंगली दबा लें।

  • 21 पशुओं के नाम अंग्रेजी से बांग्ला में ट्रांसलेट करना।
  • 15 फलों और 8 सब्जियों के नाम।
  • 15 पक्षियों के नाम।
  • मानव शरीर के 23 अंगों के नाम।
  • सप्ताह के सातों दिन और साल के 12 महीनों के नाम।
  • 31 बांग्ला कविताएं और 3 अंग्रेजी Rhymes बिना रुके, बिना अटके सुना सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि वह ये सभी नाम न सिर्फ अंग्रेजी में, बल्कि बांग्ला में भी बता सकता है।

ऐसे मिला इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान, देनी पड़ी कड़ी परीक्षा

पिता सतीश चंद्र महतो ने बताया कि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराना इतना आसान नहीं था। इसके लिए कई चरणों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। सबसे पहले उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और जरूरी दस्तावेज जमा किए। इसके बाद संस्था ने अर्पण की प्रतिभा का वीडियो मांगा।

वीडियो के लिए सख्त नियम था – वीडियो में अर्पण के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति नहीं होना चाहिए, कोई इशारा या मदद नहीं कर सकता। सिर्फ सवाल पूछा जाना था और अर्पण को जवाब देना था।

वीडियो देखने के बाद संस्था ने उसे अंतिम और सबसे कठिन चुनौती दी। चुनौती थी – 4 सेकेंड में सप्ताह के 7 दिनों के नाम और 10 सेकेंड में साल के 12 महीनों के नाम बताने हैं। लेकिन नन्हे अर्पण ने सभी को हैरान करते हुए इस रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। उसने महज 3 सेकेंड में 7 दिनों के नाम और सिर्फ 9 सेकेंड में 12 महीनों के नाम सुना दिए।

3 अक्टूबर 2026 को मिली आधिकारिक मान्यता

अर्पण की इस अद्भुत प्रतिभा से प्रभावित होकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उसे IBR Achiever घोषित किया। पिता के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को ईमेल के माध्यम से उसकी उपलब्धि को आधिकारिक मान्यता मिली और प्रमाणपत्र, मेडल, किताब और पेन भेजा गया। प्रमाणपत्र मिलते ही परिवार की खुशी दोगुनी हो गई।

अर्पण की यह कहानी उन सभी माता-पिता के लिए प्रेरणा है जो अपने बच्चों की छोटी-छोटी प्रतिभाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर बचपन में ही बच्चों की प्रतिभा को पहचाना और सही दिशा दी जाए, तो वे कम उम्र में भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं।

निष्कर्ष: पुरुलिया के छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना अर्पण महतो के लिए सिर्फ शुरुआत है। उसकी यह उपलब्धि आने वाले समय में कई बच्चों को प्रेरित करेगी।


Tags: Arpan Mahato, India Book of Records 2026, IBR Achiever, Purulia News, West Bengal Child Prodigy, Manbazar News, Janta Ki Awaaz Live

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