कैनाल सड़क पुल निर्माण की मांग को लेकर तमाड़ में रविवार को बड़ी बैठक हुई।
तमाड़ (रांची) : पांच परगना क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग अब आंदोलन का रूप लेने जा रही है। कैनाल सड़क और कांची नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता एकजुट हो गई है। रविवार को तमाड़ प्रखंड के नावाडीह स्थित हाईस्कूल मैदान में पांच परगना फाइटर्स के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों की एक अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने की।
बैठक में क्षेत्र की जर्जर सड़कों और नदी पर पुल नहीं होने से हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी पांच परगना के कई गांव मुख्यधारा से कटे हुए हैं। बरसात के मौसम में कांची नदी पर पुल नहीं होने से स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
क्या है ग्रामीणों की मुख्य मांगें ?
ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है। उनकी दो प्रमुख मांगें हैं जिनको लेकर वे लंबे समय से प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
पहली मांग, तमाड़ प्रखंड के सलगाडीह से सोनाहातु प्रखंड के बारेंदा तक लगभग 30 किलोमीटर लंबी कैनाल सड़क के निर्माण की है। यह सड़क NH-33 टाटा-रांची मुख्य मार्ग से जुड़ती है। अगर इस सड़क का निर्माण हो जाता है तो तमाड़ और सोनाहातु के दर्जनों गांवों को सीधा फायदा होगा और रांची-टाटा जाने में समय और दूरी दोनों कम होगी।
दूसरी मांग, तमाड़ प्रखंड के दुलमी से जिलिंग सेरेंग होते हुए लोवाडीह तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी कैनाल सड़क के निर्माण की है। यह सड़क भी क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन साबित हो सकती है।
तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग, कांची नदी पर स्थित बामलाडीह और हाराडीह में पुल निर्माण की है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से उनका संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जाता है। कई बार मरीजों को खाट पर लादकर नदी पार करानी पड़ती है।
22 नवंबर को होगी निर्णायक आमसभा
बैठक में सर्वसम्मति से एक बड़ा निर्णय लिया गया है। आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए आगामी 22 नवंबर 2026 को नावाडीह में ही एक विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा। इस आमसभा में तमाड़, सोनाहातु, बुंडू, राहे और अड़की प्रखंड के हजारों ग्रामीणों के जुटने की उम्मीद है।
आमसभा में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा है कि यदि सरकार और प्रशासन 22 नवंबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस लिखित आश्वासन या कार्रवाई शुरू नहीं करता है, तो वे बाध्य होकर NH-33 पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
ललित महतो ने कहा – सड़क हमारा अधिकार
बैठक को संबोधित करते हुए पांच परगना फाइटर्स के केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने कहा कि अब बहुत हो गया। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन पांच परगना की सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने ऐलान किया कि 22 नवंबर से पहले वे खुद क्षेत्र के सभी गांवों का दौरा करेंगे और लोगों को इस आंदोलन से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा, “अच्छी सड़क और बेहतर आवागमन की सुविधा जनता का मौलिक अधिकार है। वर्षों से क्षेत्र के लोग सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब इस मांग को लेकर जनता चुप नहीं बैठेगी।”
उन्होंने दो टूक कहा, “अच्छी सड़क हमारा अधिकार है और इस अधिकार को हम हर हाल में लेकर रहेंगे। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे पांच परगना क्षेत्र की जनता के भविष्य की लड़ाई है। अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए जेल भी जाना पड़े, तो हम सभी ग्रामीण इसके लिए तैयार हैं।”
अंत में उन्होंने सरकार और रांची जिला प्रशासन से मांग की कि जनभावनाओं को समझते हुए कैनाल सड़कों एवं कांची नदी पर बामलाडीह और हाराडीह पुल के निर्माण की दिशा में जल्द से जल्द टेंडर और डीपीआर की प्रक्रिया शुरू की जाए।

Janta Ki Awaaz Live Jharkhand ki News web site hai
