Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir – हिंदू-मुस्लिम एकता की 500 साल पुरानी मिसाल
Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir देश में सांप्रदायिक सौहार्द की सबसे अनूठी मिसाल है। पुरुलिया जिले के हिड़बहाल गांव में स्थित Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में एक ही मंदिर में मां भद्रकाली और सत्य पीर बाबा की आराधना होती है। करीब पांच सौ वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दे रही है।


▫️ पुरुलिया के हिड़बहाल में हिंदू-मुस्लिम एक साथ करते हैं पूजा-अर्चना, बाउरी समुदाय की नौवीं पीढ़ी संभाल रही है पूजा की जिम्मेदारी
Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir – नौवीं पीढ़ी संभाल रही है पूजा की परंपरा
मंदिर के वर्तमान पुजारी तपन बाउरी बताते हैं कि वह पूजा करने वाली वंश परंपरा की नौवीं पीढ़ी से हैं। उनके पिता भी लंबे समय तक पूजा करते रहे हैं। अब वह स्वयं इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। यही वजह है कि Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir आज एकता का प्रतीक है।
Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में साधक को दर्शन देकर मां ने दिया था निर्देश
स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, कभी हिड़बहाल का पूरा इलाका घने जंगलों से घिरा था। इसी जंगल में एक साधक मां काली की साधना में लीन रहते थे। मान्यता है कि साधना से प्रसन्न होकर मां भद्रकाली ने उन्हें दर्शन दिया और पूजा करने का निर्देश दिया। कहा जाता है कि एक सुरंग के रास्ते देवी प्रकट हुई थीं। तभी से यहां Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में मां भद्रकाली की आराधना शुरू हुई।
साधक के सात दिनों तक जल में रहने की मान्यता
मंदिर से जुड़ी एक अन्य लोककथा के अनुसार, देवी ने साधक को अखान यात्रा से सात दिन पहले पास के एक तालाब से अपना पवित्र जल लाने का निर्देश दिया था। मान्यता है कि साधक तालाब में उतरे और लगातार सात दिनों तक पानी के भीतर रहे।
घोड़े पर सवार होकर आए थे सत्य पीर बाबा – Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir की पहचान
इस मंदिर की सबसे खास पहचान मां भद्रकाली के साथ सत्य पीर बाबा की आराधना है। लोककथा के अनुसार, एक दिन साधना के दौरान साधक को नूपुरों की आवाज सुनाई दी। सफेद राजसी वस्त्रों में घोड़े पर सवार एक व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने स्वयं को पीर बाबा बताया।
इस जिले के बारे में और जानकारी के लिए Purulia District Wikipedia पर पढ़ें।
Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir में कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
इस प्राचीन Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir की ख्याति अब पुरुलिया तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड, बिहार और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। कार्तिक अमावस्या को कालीपूजा के अवसर पर यहां दिन में ही पूजा-अर्चना होती है।
Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir की सबसे बड़ी अखान यात्रा
वर्ष का सबसे बड़ा आयोजन पौष पर्व के बाद होने वाली अखान यात्रा है। इस अवसर पर गांव में विशाल मेले का आयोजन होता है। हमारे अन्य लेख भी पढ़ें: Purulia Ke Prasiddh Mandir
करीब पांच शताब्दियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी सामाजिक एकता की मिसाल बनी हुई है। Purulia Hindu Muslim Ekta Mandir यह संदेश देता है कि धर्म से ऊपर उठकर आस्था और भाईचारे से समाज को एकजुट रखा जा सकता है।
© Janta Ki Awaaz Live | रिपोर्ट – पुरुलिया | www.jantakiawaazlive.com

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