diwali dhwani pradushan arsa police को लेकर आड़सा थाना पुलिस ने दीपावली से पहले विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। diwali dhwani pradushan arsa police का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों के पास शांति बनाए रखना है।

▫️ आड़सा थाना क्षेत्र में माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा जागरूक, मरीजों और बुजुर्गों की परेशानी का दिया हवाला
आड़सा : दीपावली का उत्सव दूसरों के लिए परेशानी का कारण न बने, इसके लिए पुरुलिया जिले की आड़सा थाना पुलिस ने विशेष पहल की है। त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने और आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में माइकिंग के जरिए प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
diwali dhwani pradushan arsa police – अस्पताल के पास पटाखे न फोड़ने की अपील क्यों?
इस दौरान पुलिस की ओर से विशेष रूप से अस्पताल परिसर और उसके आसपास पटाखे नहीं फोड़ने की अपील की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पटाखों की तेज आवाज से अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को शारीरिक और मानसिक परेशानी हो सकती है। खासकर गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बुजुर्गों और नाजुक स्थिति में भर्ती लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए अस्पताल के आसपास शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना जरूरी है।
आड़सा थाना पुलिस ने कैसे चलाया जागरूकता अभियान?
पुलिसकर्मी टोटो में लाउडस्पीकर लगाकर विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर लोगों को समझा रहे हैं कि दीपावली रोशनी और खुशियों का त्योहार है। ऐसे में उत्सव का आनंद किसी दूसरे की परेशानी का कारण नहीं बनना चाहिए। पटाखे जलाते समय दूसरों की सुविधा और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। आड़सा पुलिस की इस पहल से आम लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।
पुलिस का संदेश: दीपावली खुशियों का त्योहार है, इसे मिलजुल कर शांति से मनाएं। अस्पताल, स्कूल और बुजुर्गों के घरों के पास तेज आवाज वाले पटाखे न फोड़ें।
शांतिपूर्ण और सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील
पुलिस ने लोगों से मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखते हुए शांतिपूर्ण और ध्वनि प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने की अपील की है। आड़सा थाना की इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है और सहयोग का भरोसा दिलाया है।
आड़सा थाना क्षेत्र में दीपावली को लेकर पुलिस की तैयारी हर साल से बेहतर देखी जा रही है। त्योहार के समय अक्सर देखा जाता है कि लोग उत्साह में आकर तेज आवाज वाले पटाखे फोड़ते हैं, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को काफी परेशानी होती है। इसी परेशानी को कम करने के लिए आड़सा पुलिस ने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करना शुरू किया है। पुलिस का कहना है कि दीपावली रोशनी का त्योहार है, इसे शोर का त्योहार नहीं बनाना चाहिए। लोगों को चाहिए कि वे दीये जलाएं, घरों को सजाएं और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल के पास पटाखे फोड़ने से मरीजों की नींद टूट जाती है और उनका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। कई बार छोटे बच्चे डर जाते हैं और पालतू जानवर भी तेज आवाज से घबरा जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को समझाएं कि पटाखे खुले मैदान में और सुरक्षित तरीके से फोड़ें। पुलिस ने यह भी बताया कि देर रात तक पटाखे फोड़ने से ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, जो सभी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आड़सा पुलिस की इस पहल से क्षेत्र में शांतिपूर्ण दीपावली मनाने की उम्मीद है। सभी लोगों ने पुलिस को सहयोग करने का आश्वासन दिया है और कहा है कि वे इस बार अस्पताल और स्कूल के आसपास पटाखे नहीं फोड़ेंगे।
ध्वनि प्रदूषण के नियमों के बारे में विस्तार से जानने के लिए Wikipedia पर ध्वनि प्रदूषण की जानकारी देखें।
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रिपोर्ट – जनता की आवाज लाइव, आड़सा

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