Jhalda Kali Puja Chanda Attack: झालदा में कालीपूजा के चंदे की आड़ में गुंडागर्दी का बड़ा मामला सामने आया है।
▫️बस स्टैंड पर ट्रक चालकों से जबरन वसूली का कर रहे थे विरोध, तीन आरोपित गिरफ्तार; दोनों घायल अस्पताल में भर्ती – झालदा बस स्टैंड की घटना ने प्रशासन पर उठाए सवाल
झालदा, पुरुलिया : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा शहर में कालीपूजा के नाम पर जबरन चंदा वसूली का विरोध करना दो सिविक वॉलंटियर को भारी पड़ गया। ट्रक चालकों से अवैध वसूली रोकने की कोशिश करने पर बदमाशों ने ड्यूटी पर तैनात दोनों सिविक वॉलंटियर पर जानलेवा हमला कर बेरहमी से पिटाई कर दी। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना मंगलवार तड़के करीब 3 बजे पुरुलिया जिले के झालदा शहर स्थित मुख्य बस स्टैंड परिसर की है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को तीनों को पुरुलिया जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल हिरासत में भेज दिया गया।
Jhalda Kali Puja Chanda Attack: क्या है पूरा मामला?
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, झालदा शहर में दिन के समय भारी वाहनों की एंट्री बंद रहती है, जिससे यातायात जाम की समस्या से बचने के लिए रात के समय भारी मालवाहक वाहनों को बस स्टैंड के रास्ते से आवागमन कराया जाता है। इसी का फायदा उठाकर कुछ स्थानीय युवक बस स्टैंड के पास ट्रकों को रोककर कालीपूजा के नाम पर जबरन चंदा वसूल रहे थे।
आरोप है कि मंगलवार तड़के कुछ युवकों ने बस स्टैंड के पास झारखंड और बंगाल से आ रहे 10 से अधिक ट्रकों को रोककर कालीपूजा के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक की जबरन चंदा वसूली शुरू कर दी। चालकों द्वारा रुपये देने से इन्कार करने पर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। कई ट्रक चालकों ने डर के मारे पैसे दे भी दिए।
विरोध करने पर हुआ हमला
इसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात सिविक वॉलंटियर मनोज कुमार महतो (32) और अशोक महतो (28) की नजर इस घटना पर पड़ी। दोनों ने मानवता के नाते ट्रक चालकों का समर्थन किया और तत्काल झालदा थाने को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही झालदा थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस को दूर से आता देख चंदा वसूली में शामिल युवक वहां से भाग निकले।
पुलिस के अनुसार, पुलिस के लौटने के महज 20 मिनट बाद ही आरोपित अपने अन्य 4-5 साथियों के साथ दोबारा बस स्टैंड पहुंचे और दोनों सिविक वॉलंटियर को अकेला पाकर निशाना बनाकर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से दोनों की जमकर पिटाई की, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। स्थानीय दुकानदारों ने जब शोर मचाया तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
झालदा पुलिस की गिरफ्त में तीनों आरोपित – तस्वीर साभारदोनों की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती
सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों घायल सिविक वॉलंटियर को झालदा-1 प्रखंड ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, अशोक महतो के सिर में 8 टांके आए हैं और मनोज के हाथ और पसलियों में गंभीर चोटें आई हैं। दोनों का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने दोनों को खतरे से बाहर बताया है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा।
तीन गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना के बाद झालदा थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में छापेमारी कर मुख्य आरोपित कुणाल राजवाड़, विवेक कांदु और दीपक कांदु को गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों झालदा शहर के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से चंदा वसूली के 7,500 रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस मामले के अन्य फरार आरोपितों की तलाश कर रही है।
झालदा थाने के प्रभारी ने बताया, “कालीपूजा के नाम पर गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी की तलाश जारी है। घायल सिविक वॉलंटियर हमारे विभाग के कर्मठ सदस्य हैं, उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।”
पूजा के नाम पर वसूली पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों के नाम पर होने वाली जबरन वसूली और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि झालदा बस स्टैंड और पुरुलिया-रांची रोड पर हर साल दुर्गा पूजा और काली पूजा के समय ट्रक चालकों से जबरन चंदा वसूला जाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चंदे के नाम पर दबंगई और हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।
रिपोर्ट: जंता की आवाज लाइव डेस्क, झालदा

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