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चांडिल में कार्यपालक दंडाधिकारी का पद रिक्त, शपथ पत्र बनवाने में परेशानी – बार एसोसिएशन ने एसडीओ को सौंपा आवेदन

चांडिल में कार्यपालक दंडाधिकारी पद रिक्त होने से आम लोगों को शपथ पत्र बनवाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल में यह पद लंबे समय से खाली पड़ा है, जिसके कारण आम जनता के जरूरी काम अटके हुए हैं।

 

चांडिल : चांडिल अनुमंडल में कार्यपालक दंडाधिकारी का पद रिक्त रहने से आम लोगों को शपथ पत्र बनवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए चांडिल अनुमंडल बार एसोसिएशन ने प्रशासन से जल्द कार्यपालक दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की है। इस संबंध में बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी को आवेदन सौंपकर जनहित में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।

मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर वाले शपथ पत्र की जरूरत क्यों?

 

बार एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि अनुमंडल में कार्यपालक दंडाधिकारी का पद रिक्त होने के कारण विभिन्न कार्यों के लिए शपथ पत्र तैयार कराने में लोगों को कठिनाइयां हो रही हैं।

 

दरअसल, झारखंड में कई सरकारी योजनाओं, जमीन संबंधी मामलों, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, और कोर्ट से जुड़े मामलों में मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर वाला शपथ पत्र अनिवार्य होता है। कई मामलों में नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र स्वीकार नहीं किए जाते हैं। ऐसे में संबंधित कार्यों के लिए मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र की आवश्यकता होने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

 

चांडिल में कार्यपालक दंडाधिकारी का पद रिक्त होने से सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों के लोगों को हो रही है। चांडिल, नीमडीह, कुकड़ू और आसपास के दूर-दराज के गांवों से लोग 20-30 किलोमीटर का सफर तय करके अनुमंडल कार्यालय आते हैं, लेकिन मजिस्ट्रेट नहीं मिलने से उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।

 

बार एसोसिएशन ने उठाई आवाज

 

कार्यपालक दंडाधिकारी की अनुपलब्धता के कारण आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे आम लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए बार एसोसिएशन ने मोर्चा संभाला है।

 

बार एसोसिएशन का कहना है कि शपथ पत्र नहीं बनने से वकीलों के काम पर भी असर पड़ रहा है। कोर्ट में कई मामलों में शपथ पत्र की जरूरत होती है। मजिस्ट्रेट के नहीं होने से केस की सुनवाई में देरी हो रही है और लोगों को न्याय मिलने में समय लग रहा है।

 

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि यह जनहित से जुड़ा मामला है। प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए। अगर जल्द ही पद पर नियुक्ति नहीं हुई तो एसोसिएशन बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होगा।

 

उपायुक्त को भी भेजी आवेदन की प्रतिलिपि

 

बार एसोसिएशन ने प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए चांडिल अनुमंडल में जल्द कार्यपालक दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसोसिएशन ने सिर्फ एसडीओ को ही नहीं, बल्कि सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को भी आवेदन की प्रतिलिपि भेजी है, ताकि इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उपायुक्त से आग्रह किया गया है कि जिले स्तर से इस पद को भरने के लिए पहल की जाए।

 

आवेदन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ता शामिल थे। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक चांडिल में कार्यपालक दंडाधिकारी का पद रिक्त रहेगा, तब तक आम लोगों की परेशानी खत्म नहीं होगी।

 

क्या है लोगों की मांग?

 

स्थानीय लोगों और वकीलों की एक ही मांग है कि चांडिल अनुमंडल में जल्द से जल्द एक स्थायी कार्यपालक दंडाधिकारी की नियुक्ति की जाए। अस्थायी तौर पर किसी अन्य अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देकर भी इस काम को चलाया जा सकता है, ताकि लोगों के शपथ पत्र संबंधी काम न रुकें।

 

फिलहाल, सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।

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