*सरायकेला/चांडिल:* महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को चांडिल नौका विहार परिसर में चांडिल डैम विस्थापितों ने अपनी भूमि एवं पुनर्वास संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास किया।यह उपवास विस्थापित मुक्ति वाहिनी एवं विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस माध्यम से संगठनों ने सत्य, अहिंसा, शांति और सद्भाव का संदेश दिया।
*काटिया पुनर्वास स्थल में रोक-टोक का आरोप*
उपवास के दौरान वक्ताओं ने चांडिल डैम विस्थापितों की वर्षों पुरानी समस्याओं के साथ-साथ रूदिया पंचायत अंतर्गत काटिया पुनर्वास स्थल की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई।संगठनों का आरोप है कि पिछले चार दिनों से विस्थापित परिवारों को तालाब में स्नान करने, रास्ते से आवागमन करने, खुले मैदान में शौच करने और गाय-बकरी चराने से रोका जा रहा है। इसके अलावा उनके प्लॉट में लगे पेड़ों को काटे जाने की भी शिकायत मिली है।
*प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग, 7 अक्टूबर को धरने की चेतावनी*
इस मामले को लेकर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन एवं विस्थापित मुक्ति वाहिनी ने चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल थाना प्रभारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर तत्काल हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई की मांग की है।संगठनों ने प्रशासन से स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करने तथा विस्थापित परिवारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 6 अक्टूबर 2026 तक समस्या का समाधान नहीं होता है, तो 7 अक्टूबर को पुनर्वास कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
ये रहे मौजूद
उपवास में नारायण गोप, राकेश रंजन महतो, अंबिका यादव, श्यामल मार्डी, आक्लू धीवर, कार्तिक महतो, डमन बास्के, जगन्नाथ किस्कू, बिरबल प्रमाणिक, लखन माझी, सूरज मुर्मू, देवेन महतो, विजय टुडू, ठाकुरदास गोप, ईश्वर गोप, भागीरथ लायक, राजीव महतो, वैद्यनाथ महतो, उपवन गोप, बुधेश्वर टुडू और पशुपति सिंह सरदार सहित कई लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर चौका के मुखिया कुनाराम माझी और कुनाराम सोरेन भी मौजूद रहे।

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